8th Pay Commission: केंद्र सरकार के 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। लंबे समय के इंतजार के बाद, अब 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सरकारी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह हलचल अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि बैठकों और ड्राफ्टिंग का काम भी शुरू हो चुका है।
सबसे बड़ा सवाल जो हर कर्मचारी के मन में है, वह है—‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) क्या होगा? क्या न्यूनतम वेतन सीधे ₹58,000 तक पहुंच जाएगा? आइए जानते हैं आज की इस विस्तृत रिपोर्ट में।
8वें वेतन आयोग की औपचारिक शुरुआत के लिए 25 फरवरी 2026 की तारीख बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई दिल्ली में NCJCM (नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) की ड्राफ्टिंग कमेटी की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है।
कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह पूरी तरह ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर निर्भर करता है। वर्तमान में न्यूनतम वेतन ₹18,000 है। आइए समझते हैं अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर संभावित सैलरी:
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO) और अन्य संगठनों ने इस बार बड़ा दांव खेला है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
जहां कर्मचारी ₹58,000 न्यूनतम वेतन की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं वित्तीय विशेषज्ञ और पूर्व वित्त सचिव एस. सी. गर्ग जैसे जानकार सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
प्रक्रिया के अनुसार, आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में लगभग 18 महीने का समय लग सकता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि इसे 1 जनवरी 2026 की बैक डेट (Back Date) से लागू किए जाने की पूरी संभावना है। इसका मतलब है कि फैसला भले ही देरी से आए, लेकिन कर्मचारियों को मोटा एरियर (Arrear) मिलने का रास्ता साफ रहेगा।









