उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब एक नई प्राकृतिक आपदा ने दस्तक दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ‘मोंथा’ तूफान और एक अत्यंत सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के संयुक्त प्रभाव के कारण देश के १३ राज्यों में आपातकालीन चेतावनी जारी की है। अगले २४ से ७२ घंटों के दौरान इन राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की प्रबल संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में कुदरत का सबसे उग्र रूप देखने को मिल रहा है:
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में ‘शीतलहर’ के रूप में दिख रहा है:
बंगाल की खाड़ी में उठा ‘मोंथा’ तूफान अब दक्षिण भारतीय तटों की ओर बढ़ रहा है।
यह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। विशेषकर गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
खराब मौसम के कारण उत्तर भारत की कई ट्रेनें और उड़ानें (Flights) प्रभावित हो सकती हैं। साथ ही, तेज हवाओं के कारण ग्रामीण इलाकों में बिजली के खंभे गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।
मोंथा तूफान और पश्चिमी विक्षोभ का यह दोहरा हमला फरवरी के महीने को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और बिना जरूरी काम के यात्रा करने से बचें।









