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जमीन रजिस्ट्री नियम २०२६: ११७ साल पुराना कानून खत्म! अब मात्र ₹१०० में होगी रजिस्ट्री; जानें बिहार सरकार का ऐतिहासिक फैसला

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जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों के लिए एक बड़ी और क्रांतिकारी खबर सामने आ रही है। बिहार सरकार ने भूमि सुधारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ११७ साल पुराने रजिस्ट्री कानूनों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब राज्य में जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया न केवल सरल और पारदर्शी होगी, बल्कि विशेष श्रेणियों के लिए इसे बेहद सस्ता बना दिया गया है। सरकार के इस फैसले से मध्यम और गरीब परिवारों को लाखों रुपये की बचत होगी।

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आम तौर पर जमीन रजिस्ट्री के दौरान स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में एक बड़ी राशि चुकानी पड़ती थी। लेकिन नए प्रावधानों के अनुसार, सरकार ने समाज के वंचित वर्गों और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सिर्फ ₹१०० के सांकेतिक शुल्क पर रजिस्ट्री की सुविधा शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों को कम करना और मालिकाना हक को वैध बनाना है।

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सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए तीन मुख्य श्रेणियां निर्धारित की हैं:

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इस ऐतिहासिक छूट का लाभ लेने के लिए कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है: १. मूल निवास: आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है। २. प्रथम स्वामित्व: यह लाभ केवल ‘फर्स्ट टाइम बायर’ (पहली बार खरीदने वाले) को ही मिलेगा। यदि आपके नाम पर पहले से कोई जमीन दर्ज है, तो आप इसके पात्र नहीं होंगे। ३. दस्तावेजीकरण: आवेदन के समय वैध जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे केवाईसी (KYC) दस्तावेज अनिवार्य हैं।

११७ साल पुराने कानून में बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। आवेदक अब घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इससे सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने और बिचौलियों को मोटी रकम देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राजस्व विभाग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला कार्यालयों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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इस नई नीति से न केवल गरीब परिवारों को अपना घर बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि राज्य के डिजिटल भूमि रिकॉर्ड (Digital Land Records) को भी मजबूती मिलेगी। जब रजिस्ट्री सस्ती होगी, तो लोग अवैध खरीद-फरोख्त के बजाय कानूनी पंजीकरण को प्राथमिकता देंगे, जिससे भविष्य में होने वाले अदालती विवादों में भारी कमी आएगी।

बिहार सरकार का यह भूमि सुधार कार्यक्रम २०२६ के सबसे बड़े निर्णयों में से एक है। ₹१०० में जमीन की रजिस्ट्री की यह पहल राज्य की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को बदल कर रख देगी। यदि आप भी इस श्रेणी में आते हैं, तो इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और अपनी संपत्ति का कानूनी पंजीकरण जरूर करवाएं।

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