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सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट! २०२६ में खरीदारी का सबसे सुनहरा मौका; जानें अपने शहर के ताजा भाव

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भारतीय मध्यम वर्ग के लिए सोना और चांदी केवल आभूषण नहीं, बल्कि एक सुरक्षित भविष्य का आधार होते हैं। पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड ऊंचाई पर रहने के बाद, आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और घरेलू मांग में आई कमी ने कीमतों को नीचे धकेल दिया है। यदि आप शादी-ब्याह के लिए खरीदारी या निवेश की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

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आज बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में अच्छी-खासी नरमी देखी गई है। शुद्धता के आधार पर ताजा रेट नीचे दिए गए हैं:

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सोने के मुकाबले चांदी के दामों में आज अधिक गिरावट देखी गई है। चांदी की मांग औद्योगिक क्षेत्रों (सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स) पर काफी निर्भर करती है। आज चांदी का औसत भाव ₹२,४५,००० से ₹२,५५,००० प्रति किलोग्राम के स्तर पर बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग में स्थिरता आने के कारण चांदी की कीमतों में यह करेक्शन देखने को मिला है।

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सर्राफा बाजार की इस हलचल के पीछे कुछ वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं:

शादियों का सीजन शुरू होने से पहले कीमतों में आई यह गिरावट मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत है। जो परिवार पिछले कुछ हफ्तों से भाव कम होने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह खरीदारी शुरू करने का सही समय है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और मांग बढ़ते ही कीमतें दोबारा उछाल मार सकती हैं।

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१. BIS हॉलमार्किंग: आभूषण खरीदते समय हमेशा ‘बीआयएस हॉलमार्क’ (Hallmark) जरूर चेक करें। यह सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी होती है। २. मेकिंग चार्ज और GST: सोने के भाव के ऊपर ज्वेलर ३% GST और मेकिंग चार्ज अलग से लेते हैं। खरीदारी से पहले पक्का बिल जरूर मांगें और उसमें इन शुल्कों का विवरण देखें। ३. दैनिक रेट सत्यापन: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में स्थानीय टैक्स के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। भुगतान करने से पहले अपने शहर के स्थानीय बाजार के विश्वसनीय स्रोतों से भाव की पुष्टि अवश्य करें।

२०२६ के इस शुरुआती दौर में सोने-चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों और उपभोक्ताओं, दोनों के लिए एक बेहतरीन अवसर है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए समझदारी इसी में है कि आप हॉलमार्क और मेकिंग चार्जेस की पूरी जानकारी के साथ ही निवेश करें।

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