मौसम के बदलते मिजाज और बंगाल की खाड़ी में होने वाली हलचलों ने एक बार फिर तटीय राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) लगातार समुद्र में बन रहे दबाव के क्षेत्रों पर नज़र रख रहा है। चक्रवातों का इतिहास रहा है कि वे सुंदर नाम के पीछे भयंकर तबाही लाते हैं, जैसा कि हमने चक्रवात ‘मोंथा’ (Montha) के समय देखा था।
जब भी बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव (Deep Depression) बनता है, तो वह तीव्र होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले लेता है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी तट के ये राज्य सबसे ज्यादा संवेदनशील रहते हैं:
दिलचस्प बात यह है कि चक्रवातों के नाम दुनिया के अलग-अलग देशों द्वारा रखे जाते हैं। उदाहरण के लिए, ‘मोंथा’ नाम थाईलैंड ने दिया था, जिसका अर्थ थाई भाषा में ‘सुगंधित या सुंदर फूल’ होता है। हालांकि, मौसम विभाग इसे ‘सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म’ यानी गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा है।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए सरकारें निम्नलिखित कदम उठाती हैं:
चक्रवात प्रकृति की एक शक्तिशाली घटना है। सही समय पर जानकारी और प्रशासन के निर्देशों का पालन करके हम जान-माल के नुकसान को कम कर सकते हैं। आने वाले दिनों में यदि कोई नया दबाव क्षेत्र बनता है, तो उसकी ताज़ा जानकारी आपको यहाँ मिलती रहेगी।









