केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKY) के तहत मुफ्त अनाज वितरण की प्रक्रिया को और अधिक सरल और हाई-टेक बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब लाभार्थियों को राशन की दुकान पर न तो कागजी राशन कार्ड ले जाने की जरूरत होगी और न ही फिंगरप्रिंट (अंगूठा) लगाने के लिए बार-बार संघर्ष करना होगा। सरकार एक नई ‘डिजिटल फूड कूपन’ व्यवस्था लागू करने जा रही है, जो आपके मोबाइल फोन के जरिए काम करेगी।
यह नई प्रणाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की डिजिटल करेंसी (e-Rupee) पर आधारित है। इसे ‘डिजिटल फूड कूपन’ कहा जा रहा है। इसके तहत लाभार्थियों के अधिकार अब उनके मोबाइल वॉलेट में कूपन के रूप में सुरक्षित रहेंगे। यह पहली बार है जब केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा का उपयोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में सीधे तौर पर किया जा रहा है।
अब राशन लेने का तरीका पूरी तरह डिजिटल और क्यूआर कोड (QR Code) आधारित होगा:
सरकार इस योजना को सीधे पूरे देश में लागू करने के बजाय पहले ट्रायल (Pilot Project) के तौर पर शुरू कर रही है:
सरकार का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान यह भी परखा जा रहा है कि जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था (जैसे SMS आधारित कोड) कैसे काम करेगी, ताकि कोई भी गरीब अनाज से वंचित न रहे।
डिजिटल फूड कूपन योजना २०२६ की सबसे बड़ी तकनीकी पहलों में से एक है। यह न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी, बल्कि आम आदमी के लिए सरकारी लाभ प्राप्त करना सम्मानजनक और आसान बनाएगी। यदि आप भी राशन कार्ड धारक हैं, तो अपने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक जरूर रखें ताकि आगामी अपडेट्स आपको समय पर मिल सकें।









