देश के मौसम वैज्ञानिकों ने फरवरी के इस सप्ताह में प्रकृति के मिजाज में एक विनाशकारी बदलाव की चेतावनी दी है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हुआ एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अब ‘तूफान मोंथा’ का रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने २१ राज्यों में हाई अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और विशेषकर किसानों को अगले ७२ घंटों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
तूफान मोंथा के प्रभाव से उत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति तेजी से बदल रही है:
जैसे ही यह विक्षोभ पूर्व की ओर बढ़ेगा, पीछे से आने वाली बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों को अपनी चपेट में ले लेंगी।
मौसम की इस उथल-पुथल के बीच सर्राफा बाजार से भी चौंकाने वाली खबर आई है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोने की कीमतों ने आज सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सोना १.६० लाख रुपये प्रति १० ग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है। निवेशकों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण बना हुआ है।
आगामी ७२ घंटे फसलों की सुरक्षा के लिए निर्णायक हैं। किसान भाई इन सुझावों का पालन करें:
तूफान मोंथा के कारण हवाई और रेल यातायात प्रभावित होने की प्रबल संभावना है। घने कोहरे और हिमपात के कारण कई ट्रेनें देरी से चल सकती हैं। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टाल दें।
तूफान मोंथा का असर अगले ७२ घंटों तक देश के बड़े हिस्से में महसूस किया जाएगा। मौसम में यह बदलाव न केवल स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि कृषि और अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाल रहा है। स्थानीय प्रशासन और IMD द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।









